अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड के लिए डेनमार्क को धमका रहे हैं. ट्रंप का दावा है कि अमेरिका को अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की बात कर रहे हैं और इसी को लेकर वो डेनमार्क को धमका रहे हैं. ऐसे में अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अमेरिका का अगला हमला इस यूरोपीय देश पर हो सकता है और इसी वजह से डोनाल्ड ट्रंप के यूरोप से भी रिश्ते बिगड़ते जा रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि अमेरिका को अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है और इसलिए अमेरिका इस क्षेत्र में रूसी और चीन की नौसैनिक गतिविधियों का हवाला देता है.नाटो को लेकर क्या बोले ट्रंप
ग्रीनलैंड को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि कुछ ऐसा होने वाला है, जो सबके लिए बहुत अच्छा होगा. नाटो के लिए मुझसे ज्यादा किसी ने कुछ नहीं किया है. मुझे लगता है कि हम कोई ऐसा समाधान निकाल लेंगे, जिससे नाटो बहुत खुश होगा, लेकिन हमें सुरक्षा कारणों से इसकी आवश्यकता है.
दावोस में बैठक करेंगे ट्रंप
ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मसले पर सोमवार (19 जनवरी) को NATO चीफ मार्क रूट से फोन पर बात की है और ग्रीनलैंड के मुद्दे पर स्विट्जरलैंड के दावोस में बैठक बुलाने का फैसला लिया गया. हालांकि उन्होंने बैठक की तारीख नहीं बताई है. ट्रंप ने रूट को साफ तौर पर बताया है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति ताकत के जरिए ही कायम की जा सकती है और अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है.
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक मैप भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिका का हिस्सा दिखाया है. ट्रंप ने कहा कि गाजा के मुद्दे पर भी NATO चीफ मार्क रूट से उनकी फोन पर बहुत अच्छी बातचीत हुई है. बातचीत के बाद अलग-अलग पक्षों के साथ स्विट्जरलैंड के दावोस में बैठक करने पर सहमति बनी है.

