चिकन को ब्रेस्ट मसल्स बनाने के लिए सबसे अच्छा फूड माना जाता है. इसमें फैट कम और प्रोटीन ज्यादा होता है. वहीं सिर्फ 3 औंस चिकन में 26 से 31 ग्राम तक प्रोटीन होता है.

ज्यादातर लोग मानते हैं कि मसल्स बनाने के लिए सिर्फ जिम में वजन उठाना ही बहुत होता है, लेकिन सच यह है कि सही डाइट इसके पीछे सबसे बड़ा रोल निभाती है. वर्कआउट के साथ-साथ पूरे दिन में क्या खाते हैं इसका सीधा असर मसल्स की ग्रोथ और रिकवरी पर पड़ता है. वहीं प्रोटीन, हेल्दी फैट, सही कार्ब्स और जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मसल्स बनाने के प्रोसेस को तेज करते हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि मसल्स के लिए कौन से 7 पावरफुल फूड्स जरूरी होते हैं.

चिकन को ब्रेस्ट मसल्स बनाने के लिए सबसे अच्छा फूड माना जाता है. इसमें फैट कम और प्रोटीन ज्यादा होता है. वहीं सिर्फ 3 औंस चिकन में 26 से 31 ग्राम तक प्रोटीन होता है. इसे ग्रिल, बेक या स्टिर फ्राई करके वर्कआउट से पहले या बाद में खाया जा सकता है. चिकन को ब्राउन राइस या शकरकंद के साथ लेने से एनर्जी और रिकवरी भी सही होती है.

ग्रीक योगर्ट में व्हे और कैसीन दोनों तरह का प्रोटीन होता है, जिससे मसल्स को लंबे समय तक अमीनो एसिड मिलते रहते हैं. इसमें सामान्य दही की तुलना में लगभग दोगुना प्रोटीन होता है. वहीं वर्कआउट के बाद या सोने से पहले इसे खाना ज्यादा फायदेमंद होता है. स्वाद के लिए इसमें फल, नट्स या फिर थोड़ा शहद मिला सकते हैं.

वहीं अंडे भी मसल्स के लिए जरूरी सभी अमीनो एसिड देते हैं. इनमें विटामिन बी12, विटामिन डी और हेल्दी फैट भी होते हैं जो एक्सरसाइज के बाद रिकवरी में मदद करते हैं. पूरे अंडे खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि जर्दी में मौजूद पोषक तत्व प्रोटीन के सही इस्तेमाल में मदद करते हैं.

इसके अलावा सैल्मन सिर्फ प्रोटीन ही नहीं बल्कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से भी भरपूर होता है. यह सूजन कम करता है और मसल्स की रिकवरी तेज करता है. रिसर्च के अनुसार ओमेगा-3 मसल प्रोटीन सिंथेसिस को बेहतर बनाता है. इसे हफ्ते में कभी-कभी लंच या डिनर में शामिल किया जा सकता है.

मसल्स के लिए आप क्विनोआ को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं. क्विनोआ एक ऐसा प्लांट प्रोटीन है, जिसमें सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड होते हैं. इसके अलावा इसमें फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम भी होता है, जो मसल्स के फंक्शन और एनर्जी को बेहतर बनाते हैं.

वहीं पनीर में कैसीन प्रोटीन होता है, जो धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक मसल्स को पोषण देता है. यही वजह है कि इसे रात में खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. पनीर को करी, सलाद या ग्रिल करके आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है.

नट्स और सीड्स में प्रोटीन, हेल्दी फैट और मैग्नीशियम होता है, जो मसल्स और नर्व फंक्शन के लिए जरूरी होता है. यह सीधे तौर पर ज्यादा प्रोटीन नहीं देते, लेकिन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं. इन्हें स्नैक्स के तौर पर खाया जा सकता है.
वर्कआउट के 30 से 90 मिनट के अंदर प्रोटीन और कार्ब्स लेना भी जरूरी होता है. चिकन, सैल्मन या ग्रीक योगर्ट को क्विनोआ या शकरकंद के साथ लेने से रिकवरी अच्छी होती है.

