
सोनीपत के गांव मल्हा माजरा में हुए साहिल हत्याकांड की जांच में हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है. जिस दोस्त ने साहिल की शादी के जेवरात तैयार किए थे, उसी ने लालच में आकर उसके घर डकैती की साजिश रच डाली. वारदात की रात जब साहिल ने विरोध किया और दोस्त को पहचान लिया, तो बदमाशों ने उसे चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया. अब मुठभेड़ के दौरान दो आरोपी पकड़ लिए गए हैं.
हरियाणा के सोनीपत में 8 जनवरी की रात मल्हा माजरा गांव में डकैती के दौरान साहिल नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. सोनीपत क्राइम ब्रांच और स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट क्राइम ब्रांच सेक्टर-7 ने मुठभेड़ के बाद इस मामले के मुख्य सरगना शेखर और उसके साथी शफीक को पकड़ लिया.
जानकारी के मुताबिक, 8 जनवरी की ठंड भरी रात को छह युवक दीवार फांदकर गांव मल्हा माजरा स्थित साहिल नाम के युवक के घर में घुसे थे. घर में घुसते ही बदमाशों ने कमरों की तलाशी लेनी शुरू कर दी और जो भी कीमती सामान मिला, उसे समेटने लगे. इसी दौरान साहिल और उसकी मां की नींद खुल गई. दोनों ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने पहले महिला के साथ मारपीट की और उसे एक कमरे में बंद कर दिया.
इसके बाद साहिल ने जब लगातार विरोध किया, तो बदमाशों ने उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया, इसके बाद अस्पताल में में उसकी मौत हो गई थी.
जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात की साजिश किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि साहिल के दोस्त शेखर ने रची थी. शेखर गांव नाहरा का रहने वाला है और पेशे से से सुनार था. उसी ने ही साहिल की शादी के जेवरात तैयार किए थे और उसे पता था कि साहिल के घर में कितना सोना है.
पुलिस के अनुसार शेखर कर्ज में डूबा हुआ था और लालच में आकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची. साहिल ने जब शेखर को पहचान लिया और विरोध किया, तो उसकी हत्या कर दी गई.

