
Delhi News: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 77 वर्षीय NRI महिला से करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने RTGS के जरिए यह रकम ट्रांसफर करवाई। मामले में दिल्ली पुलिस की IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) यूनिट ने FIR दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
डिजिटल ठगी के लगातार बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का हवाला देकर बुजुर्ग NRI दंपति को मानसिक दबाव में रखा और बड़ी रकम ऐंठ ली। पीड़िता 77 वर्षीय इंद्रा तनेजा ने पुलिस को बताया कि कॉल करने वालों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए कानून का डर दिखाया और RTGS के माध्यम से करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवाए।
पीड़ित दंपति के अनुसार, 24 दिसंबर 2025 को उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को TRAI का अधिकारी बताया। उसने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आपत्तिजनक कॉल्स और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया है। इसके बाद कॉल को कथित तौर पर मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन से जोड़ा गया, जहां एक फर्जी IPS अधिकारी ने गिरफ्तारी की धमकी दी।
ठगों ने बैंक खातों के वेरिफिकेशन के नाम पर 24 दिसंबर से 10 जनवरी तक दंपति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और अलग-अलग खातों में RTGS के जरिए 8 बार में करीब 14.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद पूरी रकम RBI द्वारा रिफंड कर दी जाएगी।
आखिरकार ठगी का एहसास होने पर शनिवार (10 जनवरी) को दंपति ने दक्षिण दिल्ली के सीआर पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया गया। शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि पीड़ित दंपति 2015-16 में अमेरिका से रिटायर होकर भारत लौटे थे और समाज सेवा से जुड़े हुए हैं।

