
कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते गुरुवार (8 जनवरी 2026) को कोलकाता स्थित I-PAC के कार्यालय पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के अगले दिन शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने I-PAC और जन सुराज पार्टी को लेकर तीखा बयान दिया।
संजय जायसवाल ने कहा कि I-PAC शुरू से ही एक विवादास्पद कंपनी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में I-PAC ने जन सुराज पार्टी पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने सवाल उठाया कि एक राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म का काम सेवाएं देना होता है, न कि राजनीतिक दलों में पैसा निवेश करना।
भाजपा सांसद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जैसे रावण के प्राण उसकी नाभि में थे, वैसे ही ममता बनर्जी के प्राण कोयला माफिया और मानव तस्करों में बसे हैं। जायसवाल ने दावा किया कि एक व्यक्ति के घर पर ED की रेड के दौरान मुख्यमंत्री खुद वहां पहुंचीं और कथित तौर पर हार्ड डिस्क और दस्तावेज ले गईं, जबकि न तो पार्टी कार्यालय और न ही मुख्यमंत्री आवास पर कोई छापेमारी हुई थी।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि I-PAC केवल राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म नहीं है, बल्कि सरकार बनाने और गिराने का काम करती है। जायसवाल ने दावा किया कि यह सब माफियाओं से पैसे लेकर किया जाता है, जिससे यह साफ होता है कि ममता बनर्जी माफियाओं के साथ हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

