
Nagpur Municipal Corporation Election:
नागपुर महानगरपालिका चुनाव में इस बार सियासी समीकरण काफी दिलचस्प नजर आ रहे हैं. बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना मिलकर चुनावी मैदान में उतरी हैं, जबकि महायुति के एक अन्य सहयोगी अजित पवार की एनसीपी ने अलग राह चुनी है. महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव को लेकर प्रचार अभियान तेज हो चुका है और नागपुर में भी सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं. कोई पार्टी अकेले तो कोई गठबंधन के साथ मतदाताओं को साधने में जुटी है.
नागपुर महानगरपालिका के 38 वार्डों से कुल 151 पार्षद चुने जाने हैं. इनमें 37 वार्डों से चार-चार कॉर्पोरेटर और एक वार्ड से तीन कॉर्पोरेटर का चुनाव होगा. शहर में कुल मतदाताओं की संख्या 24,83,112 है, जो जुलाई 2025 तक की फाइनल वोटर लिस्ट के अनुसार तय की गई है. मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराया जाएगा.
किस पार्टी का किसके साथ गठबंधन?
बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना ने नागपुर में मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. वहीं महायुति में शामिल अजित पवार की एनसीपी इस बार अलग चुनाव लड़ रही है. दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी के घटक दल कांग्रेस और शरद पवार गुट की एनसीपी (SP) भी अलग-अलग मैदान में हैं. एनसीपी (SP) का आरोप है कि कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को फायदा पहुंचा रही है.
सीटों का बंटवारा और चुनावी ताकत
गठबंधन में बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में है और पार्टी 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 8 सीटें दी गई हैं. कांग्रेस ने सभी 151 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. अजित पवार की एनसीपी 96 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है. उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) 58 सीटों पर, शरद पवार गुट की एनसीपी (SP) 76 सीटों पर और मनसे 22 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इसके अलावा AIMIM, BSP और निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले में हैं.
बीजेपी का गढ़ माना जाता है नागपुर
नागपुर महानगरपालिका पर पिछले करीब 15 सालों से बीजेपी का कब्जा रहा है. लगातार तीन कार्यकालों से पार्टी का ही मेयर रहा है. नागपुर को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है.
2017 चुनाव के नतीजे
2017 के नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 108 सीटों के साथ बड़ी जीत दर्ज की थी. कांग्रेस को 28 सीटें मिली थीं, जबकि BSP के 10 पार्षद चुने गए थे. शिवसेना को 2 और एनसीपी को 1 सीट मिली थी. इस बार बीजेपी ने 125 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है.
2022 से प्रशासक राज
नागपुर महानगरपालिका का पिछला कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था. तब से निगम प्रशासक के अधीन काम कर रहा है. चार साल तक चुने हुए पार्षदों की गैरमौजूदगी का असर आम जनता पर पड़ा है. पानी, सफाई, सड़क, ड्रेनेज और अतिक्रमण जैसे बुनियादी मुद्दों पर लोगों ने लगातार देरी के आरोप लगाए हैं.
कब होंगे चुनाव?
नागपुर सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होंगे, जबकि मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी. नामांकन की आखिरी तारीख 30 दिसंबर थी और 2 जनवरी तक नाम वापस लिए गए.

