
Maharashtra News: महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव के तहत नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 2 जनवरी 2026 थी। इसी बीच नागपुर के हजारी पहाड़ प्रभाग क्रमांक 13-डी में भारतीय जनता पार्टी का एक अनोखा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। बीजेपी ने एक ही वार्ड से किशन गावंडे और विजय होले—दोनों को AB फॉर्म जारी कर दिए, जबकि नियमों के अनुसार किसी एक ही उम्मीदवार को पार्टी का AB फॉर्म दिया जा सकता है। पार्टी ने बाद में निर्णय लेते हुए किशन गावंडे का AB फॉर्म रद्द कर दिया और विजय होले को आधिकारिक बीजेपी उम्मीदवार बनाए रखा। इस फैसले से किशन गावंडे के समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया।
पार्टी के फैसले से भड़के स्थानीय नागरिक और समर्थक
बीजेपी के इस फैसले के बाद स्थानीय नागरिकों और किशन गावंडे के समर्थकों ने विरोध जताया। गुस्साए समर्थक तुरंत गावंडे के घर पहुंचे और उन्हें घर के अंदर ही रोक लिया। समर्थकों का कहना था कि वे चाहते हैं कि किशन गावंडे नामांकन वापस न लें और चुनावी मैदान में बने रहें। इसी उद्देश्य से समर्थकों ने उनके घर के बाहर नारेबाजी भी शुरू कर दी।
विधायक परिणय फुके ने की मध्यस्थता की कोशिश
AB फॉर्म रद्द होने के बाद किशन गावंडे के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की संभावना बनी। हालात को संभालने के लिए बीजेपी ने विधायक परिणय फुके को किशन गावंडे से बातचीत के लिए भेजा। हालांकि शुरुआत में समर्थकों ने दरवाजा नहीं खोला, लेकिन काफी प्रयास के बाद विधायक परिणय फुके की किशन गावंडे से बातचीत हुई। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं किशन गावंडे से चर्चा करना चाहते हैं, जिसके बाद वे उन्हें अपने साथ लेकर एक अज्ञात स्थान पर मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए रवाना हो गए।

