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Tuesday, January 13, 2026
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टीवी न्यूज चैनल्स की संस्था NBF की सालाना बैठक, रेटिंग एजेंसी में गड़बड़ी पर सवाल उठाए

देश के नामचीन मीडिया संस्थानों की संस्था न्यूज़ ब्रॉडकास्टर फ़ेडरेशन (NBF) की सालाना बैठक दिल्ली-एनसीआर में आयोजित की गई। मीटिंग में देश के कई चैनल प्रमुख संपादक तथा प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी शामिल रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य था, समाचार माध्यमों के काम करने के तरीके में पारदर्शिता बढ़ाना, विश्वसनीयता बढ़ाना और सरकार के सामने मीडिया संस्थानों की समस्याओं को जोरदार तरीके से रखना। इसके अलावा संगठन का विस्तार करने और अब डिजिटल माध्यम के चैनल्स को भी सदस्यता देने का बड़ा फैसला लिया गया।
बैठक में सबसे गंभीर मुद्दा वीवर्स रेटिंग एजेंसी यानी दर्शकों को मापने वाली संस्था बार्क ( BARC)
के कामकाज को लेकर उठा। ज़्यादातर सदस्यों ने कहा कि बार्क द्वारा जारी रेटिंग में गड़बड़ी की गुंजाइश बनी हुई है। कई बार ऐसे आरोप लगे हैं कि पक्षपात पूर्ण तरीके से कुछ चैनल्स को लाभ पहुंचाने की साजिश की गई है। कई मामलों में रेटिंग में गड़बड़ी, आंकड़ों में हेरफेर, रेटिंग मशीनों की निगरानी में लापरवाही की शिकायतें सामने आईं हैं।


केरल के एक मामले का जिक्र करते हुए मीटिंग में साबित किया गया कि आंकड़ों में गड़बड़ी की जा रही है और इसे जल्द से जल्द रोकना चाहिए। दरअसल केरल के एक समाचार चैनल के मालिक और BARC India के एक कर्मचारी के बीच कथित रिश्वत और आंकड़ों में हेराफेरी का मामला सामने आया था। आरोप है कि चैनल की रेटिंग को बढ़ावा देने के लिए कथित तौर पर क्रिप्टो करेंसी से भुगतान भी किया गया था। इस फर्जी रेटिंग से जहां उस चैनल को बड़ा फायदा हुआ, वहीं मुकाबले में शामिल बाकी चैनल्स को नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे सभी मुद्दों की जांच बार्क अपने स्तर से कराए, क्योंकि इस विवाद से पूरे टीवी व मीडिया रेटिंग तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मीटिंग में सदस्यों ने साफ तौर पर कहा कि अगर रेटिंग ही भरोसेमंद नहीं होगी तो चैनलों की लोकप्रियता, विज्ञापन दरें और दर्शकों का विश्वास, सब पर सवाल खड़े होंगे। एनबीएफ ने तय किया कि बार्क से इस विषय पर औपचारिक रूप से जवाब मांगा जाएगा। सदस्यों ने यह भी प्रस्ताव रखा कि रेटिंग प्रक्रिया की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कहीं किसी स्तर पर हेरफेर तो नहीं हुई। उनका कहना था कि समाचार माध्यमों की प्रतिष्ठा बचाने के लिए दर्शक मापन व्यवस्था पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए.बैठक में एक बड़ा निर्णय यह भी हुआ कि अब एनबीएफ केवल टीवी चैनलों तक सीमित नहीं रहेगा। तेजी से बढ़ते डिजिटल समाचार मंचों को देखते हुए संगठन को विस्तारित कर ‘समाचार प्रसारक और डिजिटल मीडिया संघ’ (NBDF) बनाया जाएगा। इस नए संघ में समाचार टीवी चैनलों के साथ-साथ डिजिटल समाचार मंच, समाचार वेबसाइटें, इंटरनेट आधारित चैनल और डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े संस्थान शामिल होंगे।


सदस्यों ने कहा कि आज दर्शक सिर्फ टीवी पर निर्भर नहीं हैं। लोग मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल साधनों पर समाचार देखते हैं। ऐसे में यदि समाचार जगत की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ानी है, तो दोनों माध्यमों—टीवी और डिजिटल—को एक मंच पर लाना आवश्यक है। NBDF से उम्मीद की जा रही है कि यह संयुक्त मंच, समाचार संस्थानों के बीच सहयोग को मज़बूत करेगा, रेटिंग और दर्शक मापन के लिए समान और साफ नियम बनाने में मदद करेगा, सरकार और अन्य संस्थाओं के साथ संवाद में पूरे मीडिया समाज की एक आवाज़ पेश करेगा और डिजिटल और टीवी, दोनों माध्यमों के लिए नई आचार संहिता और मानक तैयार करेगा।


बैठक के दौरान एएनबी नेशनल चैनल के प्रबंध निदेशक योहान्नन मैथ्यूज ने कहा, “मीडिया संगठनों में एकता से ही ऐसी गड़बड़ियों पर नजर रखी जा सकती है।” उन्होंने जोर दिया कि जब समाचार संस्थान बिखरे रहते हैं, तब रेटिंग व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की निगरानी कमज़ोर पड़ जाती है। लेकिन यदि सभी संस्थान एकजुट हों, तो वे किसी भी गड़बड़ी को पकड़ सकते हैं और व्यवस्था को साफ-सुथरा रख सकते

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