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Sunday, November 30, 2025
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रातभर जागने वालों के लिए चेतावनी: डॉ. तरंग ने बताया, सोने का सबसे जरूरी समय

आजकल ज्यादातर लोग देर रात तक जागते रहते हैं, जिसका सीधे तौर पर उनकी सेहत पर असर पड़ता है। ऐसे में सही समय पर नींद लेना बेहद जरूरी है। कैंसर हीलिंग सेंटर के एमडी और स्पेशलिस्ट डॉ. तरंग कृष्णा ने एक वीडियो में बताया कि शरीर की रिकवरी का गोल्डन समय कौन सा होता है और उस समय नींद लेना क्यों महत्वपूर्ण है।

स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ हेल्दी डाइट ही नहीं, बल्कि पर्याप्त नींद भी उतनी ही जरूरी है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली में लेट नाइट पार्टी और देर रात तक जागना आम हो गया है, जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। नींद की कमी के कारण कम उम्र में ही लोग शुगर, ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। अक्सर लोग वीकेंड पर अधिक सोकर नींद की कमी की भरपाई करने की सोचते हैं, लेकिन तब तक उनका शरीर पहले ही प्रभावित हो चुका होता है। डॉ. तरंग ने इंस्टाग्राम पोस्ट में विस्तार से बताया कि सही समय पर सोना क्यों शरीर की रिकवरी और समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

डॉ. तरंग ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि क्यों साधु, संत और योगी रात को 2–3 बजे उठते हैं और पूरे दिन सक्रिय रहते हैं, बावजूद इसके थकान महसूस नहीं होती। इसका कारण यह है कि वे रात के 10 बजे से 2 बजे तक की नींद पूरी करते हैं, जिसे गोल्डन समय कहा जाता है। यह वह समय है जब शरीर सबसे ज्यादा हीलिंग करता है, मेटाबॉलिज्म सबसे तेज होता है, नींद अधिक रिफ्रेशिंग होती है और नेचुरल किलर सेल्स इम्यूनिटी को मजबूत करके शरीर की रक्षा करते हैं। यही वह समय है जब आप अपने शरीर को रिचार्ज, रिफ्रेश और रीजनरेट कर सकते हैं।

लेकिन आजकल लोग इस समय पर सोने के बजाय रात के 2 बजे तक जागते रहते हैं। कुछ लोग तो टीवी देखते-देखते या अन्य गतिविधियों में यह समय बर्बाद कर देते हैं। डॉ. तरंग ने सुझाव दिया कि अगर आप स्वस्थ और हेल्दी रहना चाहते हैं, तो एक आदत बना लें—रात को 10 बजे सोने चले जाएं। कभी-कभार पार्टी या इवेंट के कारण इस रूटीन में बदलाव हो सकता है, लेकिन रोजाना इस समय पर सोना बेहद जरूरी है। यदि आप नियमित रूप से इस समय पर नहीं सोते हैं, तो आप अपने शरीर के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए:
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार वयस्कों (18–64 वर्ष) के लिए 7–9 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है। हालांकि, यह उम्र और व्यक्तिगत ज़रूरतों के हिसाब से बदल सकती है। नवजात शिशु (0–3 महीने) को 14–17 घंटे, शिशु (4–11 महीने) को 12–15 घंटे, टॉडलर (1–2 वर्ष) को 11–14 घंटे, प्री-स्कूलर (3–5 वर्ष) को 10–13 घंटे, स्कूल-उम्र बच्चे (6–12 वर्ष) को 9–12 घंटे और किशोर (13–18 वर्ष) को 8–10 घंटे की नींद लेना जरूरी है।

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