
काले तिल को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद है। यह प्रोटीन से भरपूर होने के कारण शरीर में नए सेल्स के निर्माण में मदद करता है। इसके अलावा, काले तिल में मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, ओमेगा-6, पॉलीसैचुरेटेड फैटी एसिड, फाइबर और अन्य आवश्यक पोषक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।

काला तिल पोटेशियम और मैग्नीशियम का समृद्ध स्रोत है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य में सुधार आता है। ये सभी गुण मिलकर हार्ट की बीमारियों और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं।

काला तिल कैल्शियम का समृद्ध स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व जोड़ों में दर्द और सूजन को कम करने में भी लाभकारी साबित होते हैं। नियमित सेवन से न केवल हड्डियां मजबूत होती हैं, बल्कि जोड़ों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

जिन लोगों को पाचन से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, उन्हें काला तिल जरूर खाना चाहिए। काले तिल में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसका नियमित सेवन कब्ज और अपच जैसी परेशानियों को कम करता है और पाचन को सुचारू बनाता है।

काले तिल में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। साथ ही, काला तिल ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में भी सहायक है और डायबिटीज को मैनेज करने में मदद करता है।

