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Saturday, February 7, 2026
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27 विकेट झटककर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने साइमन हार्मर, भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ अपनी रणनीति का किया खुलासा

गुवाहाटी टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर साइमन हार्मर भारत की करारी हार की सबसे बड़ी वजह साबित हुए। दूसरी पारी में 6 और मैच में कुल 9 विकेट लेकर उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत को 0-2 से क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। कोलकाता में पहले टेस्ट में 30 रन से मिली हार के बाद टीम इंडिया को गुवाहाटी में 408 रन के रिकॉर्ड अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा, जो टेस्ट क्रिकेट में भारत की अब तक की सबसे बड़ी हार है। इस पूरी सीरीज में 36 वर्षीय ऑफ-स्पिनर हार्मर भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा खतरा बने रहे।

हार्मर ने गुवाहाटी टेस्ट में 9 और कोलकाता टेस्ट में 8 विकेट झटके, जिसके साथ उन्होंने कुल 17 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया। भारत में खेले गए अब तक चार टेस्ट में वह कुल 27 विकेट चटका चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका ने 25 साल बाद भारतीय सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीतने का ये कारनामा पूरा किया।

अवार्ड मिलने के बाद हार्मर ने कहा,
“यह मेरे लिए लंबा सफर रहा है। 10 साल बाद इस तरह की भावना अलग ही है। एक मजबूत भारतीय टीम को उनकी धरती पर हराना बड़ी उपलब्धि है। यहां से कई अच्छी यादें लेकर जाऊंगा। भारत में पांच विकेट लेना और जीत में योगदान देना शानदार अनुभव है।”

उन्होंने बताया कि स्मृति के पिता की तबीयत क्या। (Ignore this; this was earlier; remove.)

भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ हार्मर की रणनीति

हार्मर ने बताया कि उन्होंने दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों को देखकर समझा कि लगभग 40 ओवर के बाद गेंद थोड़ी नरम होने लगी थी। उन्होंने कहा,
“पिच टूट रही थी और पैरों के निशानों का भी असर था। कुछ गेंदें असामान्य तरीके से टर्न हो रही थीं। ऋषभ पंत को जो गेंद मिली, वह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। ऐसे हालात में विकेट मिलना आसान तो नहीं था, लेकिन सही दिशा में गेंद डालते रहे तो परिणाम खुद-ब-खुद मिलने लगे।”

हार्मर ने माना कि भारतीय बल्लेबाज दूसरी पारी में जमकर संघर्ष कर रहे थे, लेकिन दक्षिण अफ्रीका की योजनाबद्ध गेंदबाजी काम आई। उन्होंने कहा,
“हमें पता था कि अगर हम लंबे समय तक सही लाइन-लेंथ पर गेंद डालते रहें तो मौका मिलेगा। स्लिप में एडेन मार्करम और मार्को के कैच ने मैच का रुख तेजी से बदल दिया।”

छोर बदलने पर क्या कहा?

उन्होंने बताया कि गेंदबाजी छोर बदलना भी रणनीति का हिस्सा था।
“मुझे लगा कि उस छोर से बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ज्यादा परेशानी हो सकती है। टेम्बा ने सुझाव दिया कि इसे आजमाना चाहिए और वहीं से विकेट मिलने लगे। पुराने गेंद के साथ सीधी लाइन से स्पिन बनना शुरू हो गया, जो हमारे लिए फायदेमंद रहा।”

आगे की योजना

अपनी भूमिका पर बात करते हुए हार्मर ने कहा,
“केशव महाराज का रिकॉर्ड अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वह शानदार गेंदबाज हैं और मुख्य स्पिनर बनने के हकदार हैं। मैं सपोर्टिंग रोल निभाकर खुश हूं। मौका मिला तो पूरी तैयारी के साथ उतरता हूं। बल्लेबाजी में सुधार करना होगा, क्योंकि इस सीरीज में जसप्रीत मुझसे बेहतर रहा। अब एसेक्स के साथ काउंटी सीजन में फिर आगे बढ़ने की कोशिश करूंगा।”

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