
टी20 इंटरनेशनल में भारत के गेंदबाज कभी-कभी काफी महंगे साबित होते रहे हैं। आइए जानते हैं उन भारतीय गेंदबाजों के बारे में, जिन्होंने एक ही पारी में सबसे ज्यादा रन दिए हैं और अपनी टीम के लिए रन लुटाने का रिकॉर्ड बनाया है।
टी20 इंटरनेशनल में भारत के गेंदबाज कभी-कभी काफी महंगे साबित होते रहे हैं। आइए जानते हैं उन भारतीय गेंदबाजों के बारे में, जिन्होंने एक ही पारी में सबसे ज्यादा रन दिए हैं और अपनी टीम के लिए रन लुटाने का रिकॉर्ड बनाया है।
प्रसिद्ध कृष्णा – 68 रन की महंगी पारी
भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 28 नवंबर 2023 को गुवाहाटी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 मैच में चार ओवर में 68 रन दिए। इस दौरान उन्होंने कोई विकेट नहीं लिया और उनका इकॉनमी रेट 17.00 रहा। यह पारी उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण पारियों में से एक मानी जाती है, जिसमें उन्हें बल्लेबाजों की आक्रामकता का सामना करना पड़ा।
युजवेंद्र चहल – 64 रन की चुनौतीपूर्ण पारी
21 फरवरी 2018 को सेंचुरियन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ युजवेंद्र चहल को कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी। अपने चार ओवर के स्पेल में उन्होंने 64 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 16.00 रहा। चहल जैसे अनुभवी स्पिनर के लिए यह दिन काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
अर्शदीप सिंह – 62 रन के बावजूद प्रभावशाली प्रदर्शन
2 अक्टूबर 2022 को गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अर्शदीप सिंह ने अपने टी20 करियर का सबसे महंगा स्पेल खेला, जिसमें उन्होंने चार ओवर में 62 रन दिए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट भी अपने नाम किए। उनका इकॉनमी रेट 15.50 रहा। भले ही रन अधिक हुए, लेकिन विकेटों की वजह से उन्होंने टीम को कुछ हद तक राहत जरूर दी।
जोगिंदर शर्मा – 57 रन के बावजूद यादगार हीरो
टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन खर्च करने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में जोगिंदर शर्मा का भी नाम शामिल है। 19 सितंबर 2007 को इंग्लैंड के खिलाफ डरबन में उन्होंने चार ओवर में 57 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया। उनका इकॉनमी रेट 14.25 रहा। हालांकि यह एक महंगी पारी थी, लेकिन जोगिंदर शर्मा को 2007 के वर्ल्ड कप फाइनल में उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के कारण आज भी याद किया जाता है।
दीपक चाहर – 56 रन के स्पेल में भी टीम को दी राहत
6 दिसंबर 2019 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ हैदराबाद में दीपक चाहर ने चार ओवर में 56 रन लुटाए। हालांकि उन्होंने इस दौरान एक महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। उनका इकॉनमी रेट 14.00 रहा। यह पारी दीपक चाहर के लिए चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन विकेट लेकर उन्होंने टीम को कुछ हद तक राहत जरूर पहुंचाई।

