
दिल्ली के मॉरिस नगर इलाके में एक कैब ड्राइवर द्वारा अम्बेडकर यूनिवर्सिटी की छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। छात्रा के अनुसार, ड्राइवर ने सफर के दौरान आपत्तिजनक हरकत की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और संबंधित कैब को भी जब्त कर लिया गया है।
दिल्ली के मॉरिस नगर इलाके में एक बेहद आपत्तिजनक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक कैब ड्राइवर पर आरोप है कि उसने अम्बेडकर विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ सफर के दौरान अभद्र व्यवहार किया और आपत्तिजनक हरकत की। पुलिस ने इस मामले में 8 सितंबर को एफआईआर दर्ज कर आरोपी ड्राइवर शंकर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की कैब भी जब्त कर ली गई है।
22 वर्षीय पीड़िता मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली है और दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में किराए पर रहकर अम्बेडकर विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही है।
कैब बुकिंग के दौरान बदल गया ड्राइवर का व्यवहार
घटना वाले दिन छात्रा ने सुबह ऐप के जरिए कैब बुक की थी। बुकिंग के बाद ड्राइवर ने उसे कॉल कर बुकिंग रद्द न करने का आग्रह किया। शुरुआत में उसका व्यवहार सामान्य था, लेकिन जैसे ही छात्रा ने आगे बैठने से मना किया और पीछे की सीट पर बैठ गई, ड्राइवर का रवैया असामान्य हो गया।
बातचीत के दौरान जब उसे छात्रा के दक्षिण भारत से होने की जानकारी मिली, तो उसने कथित रूप से बार-बार उसे छूने की कोशिश की और अश्लील टिप्पणियां कीं। स्थिति तब गंभीर हो गई जब ड्राइवर ने गाड़ी चलाते समय अनुचित हरकत की। छात्रा के विरोध के बावजूद उसने गाड़ी नहीं रोकी और कुछ दूरी तक ड्राइव करता रहा।
दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस में रोकी कैब, छात्रा ने ली मदद
आखिरकार दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के पास ड्राइवर ने गाड़ी रोकी, जिसका लाभ उठाकर छात्रा वहां से उतरकर सुरक्षित स्थान की ओर भागी। बाद में उसने अपने परिचितों से संपर्क किया और मॉरिस नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 48 वर्षीय आरोपी शंकर को गिरफ्तार कर लिया। वह मलका गंज का रहने वाला है। पुलिस ने उसकी कैब को जब्त कर फॉरेंसिक और क्राइम ब्रांच की सहायता से सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।
मानसिक समर्थन और काउंसलिंग प्रदान की गई
घटना के बाद छात्रा को पुलिस द्वारा काउंसलिंग और मानसिक समर्थन दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों का तुरंत सामने आना बेहद जरूरी है, जिससे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

