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Thursday, February 5, 2026
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अब सरकार ने ब्यूटी ट्रीटमेंट पर लगाये जा रहे जीएसटी को कम कर दिया है, जिससे फेशियल से लेकर हेयर स्पा तक की सुविधा अब सस्ती हो गई है।

GST के लागू होने से अब सैलून सेवाओं पर भी कर लगेगा। सरकार ने जीएसटी के तहत कई महत्वपूर्ण चीजों की कीमतों में कटौती की है, जिससे ये सामान सस्ते होंगे और आम आदमी को आराम मिलेगा।

GST on Salon Services: जीएसटी काउंसिल की बुधवार को हुई मीटिंग में कई बड़े निर्णय लिए गए। आठ साल पुराने टैक्स रिजीम में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए। 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत टैक्स स्लैब को समाप्त कर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैब को स्वीकृति दी गई। रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोगी कई वस्तुओं पर जीएसटी कम की गई है, जिससे ये सामान सस्ते हो जाएँगे। इससे देश की आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। इस प्रक्रिया में सैलून पर आपके खर्च में भी कमी आएगी।

ब्यूटी ट्रीटमेंट अब आएगा कम खर्च

जीएसटी परिषद ने ब्यूटी और फिजिकल वेल बीइंग सेवाओं पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से कम करके 5 प्रतिशत कर दिया है, बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के। इसमें सैलून, फिटनेस सेंटर, बार्बर, योगा और हेल्थ क्लब शामिल हैं। अब अगर आप हेयरकट, फेशियल, मसाज या फिटनेस सेशन बुक कर रहे हैं, तो आपको सर्विस चार्ज काफी कम देना होगा। यह जीएसटी सुधार का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आवश्यक और आम तौर पर उपयोग की जाने वाली सेवाओं को और अधिक कीमती बनाना है।

पर्सनल केयर की कई चीजों के घटेंगे दाम 

सरकार ने सैलून के साथ-साथ पर्सनल केयर और हाइजिन से जुड़ी कई चीजों पर जीएसटी कम कर दिया है। अब टॉयलेट सोप बार पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इस कदम से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के मासिक खर्चों में कमी होगी। फेस पाउडर और शैंपू पर भी जीएसटी को 5 प्रतिशत कम कर दिया गया है। टूथपेस्ट, टूथब्रश और डेंटल फ्लॉस जैसे डेंटल हाइजिन से जुड़े प्रोडक्ट्स को भी अब 5 प्रतिशत जीएसटी में शामिल किया गया है। माउथवॉश इस सूची से बाहर है।

उम्मीद है कि जीएसटी कमी से ब्यूटी प्रोडक्ट्स और कॉस्मेटिक्स की मांग बढ़ेगी, क्योंकि टैक्स कम होने से लोगों को सैलून जाना और हेल्थ सर्विसेस का फायदा उठाना पहले की तुलना में किफायती लगेगा। जीएसटी काउंसिल ने 3 सितंबर को हुई बैठक में 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के स्लैब को हटाकर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब को मंजूरी दी है। इसके अलावा, सिन गुड्स और लग्जरी आइटम्स पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाने का भी ऐलान किया गया है जैसे कि पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, जर्दा जैसे चबाने वाले तम्बाकू उत्पाद, बीड़ी वगैरह।

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