
मूवी टिकट जो 100 रुपये से कम कीमत में मिल रहे हैं, उनकी कीमत अब कम हो जाएगी। यह बात सिंगल स्क्रीन और छोटे शहरों में लागू होगी क्योंकि GST के नए रेट्स लागू किए गए हैं।सिनेमाघरों में हर कोई फिल्म देखने के लिए उत्सुक रहता है, लेकिन अक्सर टिकटों की उच्च मूल्यें लोगों की जेबों पर बोझ डाल देती हैं। लेकिन अब सिंगल स्क्रीन थिएटर में फिल्में देखना सस्ता हो जाएगा। हालांकि, सरकार ने कम कीमत वाले सिनेमा टिकटों पर टैक्स में छूट देने का निर्णय लिया है।
सस्ते हुए मूवी टिकट
सिंगल स्क्रीन और छोटे शहरों में मूवी टिकट खरीदने के लिए अब ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित जीएसटी की दरों में कटौती के बाद, गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल ने कई चीजों पर टैक्स स्लैब रिवाइज की है। 5% और 18% की नई दरें 22 सितंबर, 2025 से लागू होंगी। इसके साथ ही सस्ते टिकट वाले सिनेमा देखने वालों को इस कटौती का फ़ायदा मिलेगा।
100 रुपये तक या उससे कम कीमत वाले टिकट पर पहले 12% टैक्स लगता था, लेकिन नए जीएसटी रेट्स के मुताबिक उन पर अब 5% ITC के साथ GST लगेगा। वहीं 100 रुपये से ज़्यादा कीमत वाले टिकटों पर बिना किसी बदलाव के 18% ITC के साथ GST लगता रहेगा।
आम लोग अक्सर मूवी देखने के लिए उत्सुक रहते हैं, लेकिन महंगे टिकटों की कीमतें उनकी जेब को बहुत दबा देती है। लेकिन अब सिंगल स्क्रीन थिएटर में फिल्में देखना सस्ता हो जाएगा। सरकार ने कम कीमत वाले सिनेमा टिकटों पर टैक्स में राहत दे दी है।
सिंगल-स्क्रीन थिएटरों में सिनेमा हो जाएगा सस्ता
कम कीमत वाले टिकटों पर 7% कर कटौती से देश भर के सिंगल-स्क्रीन थिएटरों में सिनेमा देखना काफ़ी सस्ता होने की उम्मीद है। इससे ज्यादा लोग बड़े पर्दे की ओर लौटने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे निर्माताओं और डिस्ट्रिब्यूटर्स से लेकर एग्जीबीटर्स तक, सभी की वैल्यू चेन में रेवेन्यू में इजाफा होगा। इसका सबसे ज़्यादा असर ग्रामीण और छोटे शहरों के बाज़ारों में महसूस होने की संभावना है, जहां अफोर्डेबिलिटी हमेशा से एक बैरियर रही है.
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने की थी ये रिक्वेस्ट
मीटिंग से पहले, मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MAI) ने सरकार से 300 रुपये तक के सिनेमा टिकटों को 5% स्लैब से नीचे लाने की रिक्वेस्ट की थी. उनका तर्क था कि इस कदम से फिल्में सस्ती होंगी और एग्जीबिटर्स को छोटे शहरों और कस्बों में स्क्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को एक्सटेंड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. हालांकि, जीएसटी काउंसिल ने उनकी रिक्वेस्ट पर विचार नहीं किया, जिससे मल्टीप्लेक्स बड़े पैमाने पर टैक्स राहत के दायरे से बाहर रह गए.

