शुभकामना चिह्न: वास्तु और शकुन शास्त्र में शुभ और अशुभ संकेतों के बारे में जानकारी दी गई है। घर में कई प्रकार के पशुओं का आना-जाना होता है। हालांकि, कुछ पशु ऐसे होते हैं जो अपने साथ खुशियां और शुभता लेकर आते हैं।

हिंदू धर्म में पशु-पक्षी और जीव-जंतुओं को भी शुभ-अशुभ संकेतों से जोड़ा जाता है। घर में कई विभिन्न प्रकार के जीवन होते हैं जिनमें से कुछ अशुभ और कुछ शुभ हो सकते हैं। कुछ जीवन को घर के लिए बहुत शुभ माना जाता है। अगर ऐसे जीवन आपके घर आते हैं तो यह खुशियों के संकेत के रूप में देखा जाता है।

शास्त्रों में वर्णित है कि कुछ जानवर ऐसे होते हैं जिनकी उपस्थिति से घर में सुख-समृद्धि बढ़ जाती है। इन जानवरों के साथ गुडलक भी आता है जिसे शुभ संकेत माना जाता है। हम इन जानवरों के बारे में जानें।

तितली (Butterfly) – शकुन शास्त्र के अनुसार, घर में तितली का अचानक प्रकट होना शुभ संकेत माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। शकुन शास्त्र के अनुसार, तितली को समृद्धि, नए अवसर और खुशियों का दूत माना जाता है। अगर तितली घर के अंदर आकर बैठ जाए तो इसे बहुत अच्छा संकेत माना जाता है।

मेंढ़क (Frog)- जब घर में मेंढ़क आ जाता है, तो लोग डर जाते हैं। लेकिन फेंगशुई और ज्योतिष के अनुसार, मेंढ़क को शुभ जीव और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। मेंढ़क का आना घर में धन वृद्धि का संकेत हो सकता है।

कछुआ- भारतीय से लेकर चीनी संस्कृति तक कछुआ को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अचानक कहीं से कछुआ आपके घर-आंगन पर आ जाए तो इससे घर पर मौजूद सारी नकारात्मकता दूर हो जाती है। साथ ही कछुआ धन के प्रवाह को भी बढ़ाता है।

तोता (पैरट)- शकुन शास्त्र के अनुसार घर में तोता आना भी शुभ संकेत माना जाता है, क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार तोता का संबंध धन के देवता कुबेर से होता है. विशेषकर बोलने वाला तोता यदि घर में आ जाए तो उसे गुडलक के रूप में माना जाता है.

गौरैया या चिड़िया (Sparrow) – अगर गौरैया आपके घर आती है या उसने घर में घोसला बनाया है, तो यह एक शुभ संकेत होता है। घर में गौरैया के आने से धन की स्थिरता बनी रहती है।

