फतेहगढ़ साहिब, 20 अप्रैल:
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सोना थिंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं कि जिला फतेहगढ़ साहिब में बोरवेल व ट्यूबवेल का निर्माण या मरम्मत करते समय जिलाधीश, जिला मजिस्ट्रेट, सरपंच, ग्राम पंचायत, नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग को 15 दिन पहले सूचित किया जाए।

आदेशों में कहा गया है कि ड्रिलिंग एजेंसियों का पंजीकरण होना आवश्यक है तथा निर्माण स्थल पर ड्रिलिंग एजेंसी तथा ड्रिलिंग किए जाने वाले कुएं के मालिक का पूरा पता अंकित साइनबोर्ड लगाया जाना चाहिए। बोरवेल के चारों ओर कांटेदार तार लगाए जाने चाहिए तथा उसे नट-बोल्ट सहित स्टील प्लेट के ढक्कन से ढक दिया जाना चाहिए।
आदेशों के अनुसार, कुएं/बोरवेल के चारों ओर सीमेंट/कंक्रीट प्लेटफार्म की आवश्यकता है, जो जमीन की सतह से 0.50/0.50 x 0.60 मीटर ऊपर हो (जमीन स्तर से 0.30 मीटर ऊपर और जमीन स्तर से 0.30 मीटर नीचे)। आदेशों में कहा गया है कि निर्माण के बाद खाली स्थान को मिट्टी से भर दिया जाना चाहिए, खाली बोरवेल को ऊपर तक मिट्टी/रेत से भर दिया जाना चाहिए तथा कार्य पूरा होने के बाद जमीन के स्तर को उसके मूल स्तर पर बहाल कर दिया जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच, कृषि विभाग के अधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में कनिष्ठ अभियंता, कार्यकारी अधिकारी, जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद हर माह रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें बताया जाएगा कि उनके क्षेत्र में कितने बोरवेल/कुएं नए खोदे गए हैं, कितनों की मरम्मत की गई है, कितने उपयोग में हैं, कितने खाली पड़े हैं तथा कितने भरे गए हैं। वे हर महीने यह रिपोर्ट अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) फतेहगढ़ साहिब को भेजेंगे, जो पूरा रिकॉर्ड रखेंगे। ये आदेश जिले में 16 जून 2025 तक प्रभावी रहेंगे।

