फतेहगढ़ साहिब , 02 अप्रैल जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सोना थिंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए फतेहगढ़ साहिब जिले की सीमा के भीतर गेहूं (फसल) के अवशेषों को जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
जारी किए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों में कहा गया है कि वर्ष 2025 के दौरान गेहूं (रेड़ी) फसल की कटाई का मौसम शुरू होने वाला है। भूस्वामियों द्वारा गेहूं (फसल) की फसल की कटाई के बाद गेहूं (फसल) के अवशेषों को जलाना आम बात हो गई है। जिससे धुएं के साथ हवा में काफी प्रदूषण होता है और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस धुएं का आम जनता के स्वास्थ्य पर भी बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है तथा वे घातक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। आग के कारण आसपास की फसलों को नुकसान पहुंचने का डर बना रहता है। इसके अलावा कई लाभदायक जीव भी मारे जाते हैं। सड़क से सटे खेतों में आग लगाने से सड़क पर घना धुआं फैल जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाएं होती हैं , जिससे जान-माल की हानि का खतरा रहता है। इसके अलावा इससे भूमि की उर्वरता भी कम हो जाती है। ये आदेश 1 जून 2025 तक प्रभावी रहेंगे ।